5जी नेटवर्क केस में कोर्ट ने जूही चावला को जुर्माना भरने के लिए एक हफ्ते का वक़्त दिया है। कोर्ट ने 4 जून को 5जी नेटवर्क तकनीक को चुनौती देने वाली अभिनेत्री और अन्य की याचिकाओं को खारिज करते हुए जुर्माना लगाया था।
दिल्ली हाईकोर्ट ने जूही चावला की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता ने कानूनी प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल किया और इस वजह से उन पर ₹20 लाख का जुर्माना लगाया। इस जुर्माने को भरने के लिए उन्हें एक हफ्ते का समय मिला हैं।
एक जस्टिस ने कहा कि वह जूही चावला और अन्य के बर्ताव से काफी हैरान है। उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ताओं ने सम्मानपूर्वक जुर्माने की धनराशि तक जमा कराने के इच्छुक नहीं हैं। न्यायालय ने एक्ट्रेस द्वारा दाखिल तीन अर्जियों पर विचार करते हुए यह टिप्पणी की। उन्होंने इनमें अदालती फीस की वापसी, जुर्माने में छूट और फैसले में खारिज शब्द को "अस्वीकार" शब्द में बदलने की मांग की थी।
जस्टिस ने कहा कि अदालत ने पहले ही मामले में नरमी बरतते हुए याचिकाकर्ता के खिलाफ अदालती तिरस्कार का मामला चलाने के बजाए सिर्फ जुर्माना लगाया। इस पर जूही चावला के वरिष्ठ अधिवक्ता मीत मल्होत्रा ने जुर्माना की रकम जमा कराने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा। इसके बाद मामले की सुनवाई 12 जुलाई तय कर दी।
बता दें, उच्च न्यायालय ने 4 जून को 5जी वायरलेस नेटवर्क तकनीक को चुनौती देने वाली जूही व अन्य की याचिकाओं को खारिज करते हुए जुर्माना लगाया था। दरअसल, अभिनेत्री ने कोर्ट की सुनवाई का लिंक अपने सोशल मीडिया के जरिए शेयर कर दिया था। इस पर कोर्ट का कहना था कि इससे ये पता चलता हैं कि इस मुकदमें को सिर्फ पब्लिसिटी के लिए दायर किया गया था।
तो वहीं जूही चावला की ओर से दाखिल की गई याचिका में मांग रखी गई थी कि 5जी टेक्नोलॉजी को लागू किये जाने से पहले इससे जुड़े तमाम तरह के अध्ययनों पर बारीकी से गौर किया जाए और फिर उसके बाद ही इस टेक्नोलॉजी को भारत में लागू करने के बारे में विचार किया जाए।



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