Sunflower Review: सुनील ग्रोवर की अदाकारी का अलहदा अंदाज लेकिन विकास बहल ने डुबोई सीरीज की लुटिया
सुनील ग्रोवर एक भारतीय अभिनेता और स्टैंड अप कॉमेडियन है सुनील ग्रोवर को टीवी इंडस्ट्री में पहचान कॉमेडी शो कॉमेडी नाइट विद कपिल की गुत्थी और द कपिल शर्मा शो के डॉक्टर मशहूर गुलाटी के किरदार से मिली कलाकारों में सुनील ग्रोवर की तरह ही किसी दूसरे किरदार की पृष्ठभूमि का खुलासा करने में विकास बहल ने खास दिलचस्पी दिखाई नहीं है मुकेश चड्ढा का किरदार एक समय के बाद ना सिर्फ बोर करता है बल्कि उसकी पर्दे पर आते ही उकताहट होने लगती है राधा भट्ट के साथ उनके देश संबंधों वाले दृश्य भी बहुत खराब तरीके से शूट किए गए हैं एक अध्यापक का घर के अंदर का ऐसा चरित्र बनाने के अलावा आशीष विद्यार्थी का निभाया दिलीप अय्यर का किरदार भी ऐसा ही है उसके जरिए विकास बहल बहुत कुछ कह लाना चाहते हैं लेकिन दृश्य माध्यम में कह कर बताने की वजह करके दिखाने को हमेशा बेहतर माना जाता है सीरीज को बचाने की रणवीर शोरी पर्दे से जाते ही सीरीज को बोरियत से बचाना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन सा हो जाता है
वैसे वेब सीरीज सनफ्लावर के बाकी किरदारों को देखा जाए तो पूरी सीरीज का एक भी ऐसा किरदार ऐसा नहीं है जिसके साथ जोड़कर दर्शक पूरी कहानी देखने का आनंद उठा सकें और यह कर्म तोड़ने मैं सीरीज के बैकग्राउंड म्यूजिक और इसके ओपनिंग क्रेडिट्स काफी बड़ा हाथ है हर एपिसोड से पहले वही सूरजमुखी देखना बोर करता है एक फिक्स पैटर्न पर बजता सीरीज का बैकग्राउंड म्यूजिक सीरीज की दूसरी सबसे कमजोर कड़ी है वेब सीरीज सनफ्लावर तकनीकी रूप से कमजोर सीरीज है सिनेमैटोग्राफी सिनेमैटोग्राफी में लाइटिंग का कोई पैटर्न पूरी सीरीज में नहीं दिखता और इसकी एक्टिंग में कुछ खास मेहनत की गई दिखती नहीं है सुनील ग्रोवर की कॉमेडी वाली छवि को केश कराने के लिए उनसे जबरदस्ती ऐसे संवाद बुलवाने की कोशिश की गई है जिसके दर्शकों को हंसी आए सुनील ग्रोवर की कॉमेडी का अंदाज दूसरा रहा है वह बुद्धू किरदार में नहीं जमेगा
ऐसा किरदार जो सब इंस्पेक्टर की परिभाषा सबके सामने करने लग जाए और अपनी ही हंसी और बाय वह सुनील पर जमेगा नहीं फिर भी सुनील ग्रोवर ने अपनी तरफ से सीरीज को बचाने की कोशिश पूरी की है वह इतना तो साबित कर ही देते हैं कि अगर उनको किरदार अच्छे मिले और निर्देशक उनकी काबिलियत का सही उपयोग कर सके तो वह बड़े किरदार भी कर सकते हैं
कहानी का दूसरा ट्रैक जो सीरीज को बेहतर पहचान दे सकता है
कहानी का दूसरा ट्रैक जो सीरीज को बेहतर पहचान देगा वह है मेट्रो शहरों की हाउसिंग सोसाइटीज मैं समाज के उन लोगों के साथ होने वाला भेदभाव जो या तो अकेले हैं लिव-इन में है या किसी ऐसी इंडस्ट्री में काम करते हैं जिसे पिछली पीढ़ी इज्जत से नहीं देखती इन दोनों कहानियों के बीच है दफ्तर की एक कहानी जिसका नाम सोनू सिंह है अंदर से कुछ ना कुछ महान करने की सोचने वाला लेकिन बाहर से फुर्स्स पटाखा 8 एपिसोड की वेब सीरीज सनफ्लावर का सबसे बड़ा प्लस पॉइंट है इसमें सुनील ग्रोवर का किरदार सुनील ग्रोवर ने कॉमेडी के कोष्टक से निकलकर ग्राम की तरफ बढ़ने का जो कदम फिल्म भारत और वेब सीरीज पाताल लोक में बढ़ाया है उसको देखते हुए यह सीरीज उनके लिए एक बड़ी छलांग साबित हो सकती है लेकिन इस सीरीज की सबसे कमजोर कड़ी है इसके पटकथा और इसके संवाद
वेब सीरीज रिव्यू :- सनफ्लावर
लेखक :- विकास बहल
कलाकार:- सुनील ग्रोवर ,मुकुल चड्ढा, राधा भट्ट ,आशीष विद्यार्थी ,रणवीर शोरी
निर्देशक :- विकास बहल ,राहुल सेन गुप्ता
ओटीटी :- Zee5
Zee5 देसी ओटीटी है भारतीय भाषाओं की कहानियां दिखाना इसकी यूएसपी रही है ऐसी कहानियां जिनमें उत्तर से लेकर दक्षिण तक के तमाम रंग देश के दिखते रहे फिर इस पर सलमान खान की फिल्म राधे योर मोस्ट वांटेड भाई आई फिल्म कम लोगों को ही पसंद आई Zee5 की ब्रांड इनको लगाइए पहला झटका था बची खुची कसर फ्रेंड्स रियूनियन ने पूरी कर दी इस कार्यक्रम को देश में तमाम लोगों ने देखा लेकिन इस कार्यक्रम में बहुत मेहनत से बनी भारतीय भाषाओं की कहानियां कहने वाली ओटीटी की Zee5 की ब्रांडिंग को तार-तार कर दिया असर रिलायंस एंटरटेनमेंट की वेब सीरीज सनफ्लावर पर दिख रहा है एक तो यह सीरीज बनी दूसरे इसकी ट्रेलर ने इसे क्राइम किलर जैसा प्रचारित करके भी इसका बड़ा नुकसान किया है वेब सीरीज सनफ्लावर गलत ब्रांडिंग और अध कचरी मार्केटिंग का शिकार हुई वेब सीरीज Zee5 को इसके कथानक के हिसाब से इसे प्रचारित करना चाहिए था अब हुआ यह की दृष्टि से देखने बैठे हैं सस्पेंस थ्रिलर समझकर सीरीज का पहला सीन ही कत्ल का है जिसमें नारियल पानी में जहर मिलता एक दंपति नजर आता है
Written By:- Jyoti Chaudhary
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